बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक को नई पदस्थापना मिली है।
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बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक को नई पदस्थापना मिली है।
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बलौदाबाजार। जिले के लवन थाना क्षेत्र के ग्राम चितावर में 24 वर्षीय शतरूपा ध्रुव की हत्या ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे जादू-टोने को लेकर पैदा हुआ शक वजह बना। इस मामले में शतरूपा के रिश्तेदार और पड़ोसी रामदयाल ध्रुव पर हत्या का आरोप है।
पत्नी की मौत का ठीकरा शतरूपा के परिवार पर
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पत्नी की मौत के बाद उसके मन में यह शक घर कर गया था कि शतरूपा की मां ने जादू-टोना किया है। यही शक धीरे-धीरे बदले की भावना में बदल गया। आरोप है कि इसी अंधविश्वास के चलते शतरूपा को निशाना बनाया गया और उसकी जान चली गई। सबसे भयावह बात यह है कि शतरूपा का आरोपी से कोई प्रत्यक्ष व्यक्तिगत विवाद नहीं बताया जा रहा था। बावजूद इसके, किसी दूसरे व्यक्ति के प्रति पैदा हुए शक और अंधविश्वास की कीमत एक 24 वर्षीय युवती को अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ी।
जब अंधविश्वास बना हत्या की वजह
यह मामला सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि उस सोच का खतरनाक चेहरा है, जिसमें बीमारी, मौत या परिवार में आने वाली किसी परेशानी का कारण वैज्ञानिक तरीके से तलाशने के बजाय जादू-टोना और टोना-टोटका मान लिया जाता है। अंधविश्वास की यही सोच कई बार किसी महिला को डायन बताने, किसी परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने और यहां तक कि हिंसा और हत्या तक पहुंच जाती है। डर, अफवाह और बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप जब दिमाग पर हावी हो जाते हैं, तो रिश्ते भी दुश्मनी में बदल जाते हैं।
आंकड़े भी डराने वाले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 में जादू-टोने के आरोप से जुड़े मामलों में 85 लोगों की हत्या हुई थी। वर्ष 2021 में यह संख्या 68 थी। वर्ष 2013 से 2022 के बीच ऐसे मामलों में 1,064 लोगों की जान गई। इन घटनाओं में महिलाओं को भी बड़ी संख्या में निशाना बनाया गया।
शतरूपा की मौत छोड़ गई बड़ा सवाल
शतरूपा की हत्या यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर कब तक बीमारी, मौत और परेशानियों का जिम्मेदार किसी इंसान को ठहराकर उसके खिलाफ हिंसा की जाएगी? आधुनिक समाज में भी अगर बिना किसी प्रमाण के जादू-टोने का शक किसी की जान ले ले, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना पर भी गंभीर सवाल है।
अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की जरुरत
अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, स्कूल, समाज, सामाजिक संगठन और प्रशासन सभी को मिलकर वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देना होगा। शतरूपा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत समाज को एक जरूरी संदेश दे रही है- शक को सच मान लेना खतरनाक है और अंधविश्वास को हिंसा का आधार बनने देना उससे भी ज्यादा खतरनाक।
बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि फर्जी कॉल, संदिग्ध मैसेज, अनजान लिंक या किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी की कोशिश को नजरअंदाज न करें। ठगी होने से बच जाने पर भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देना जरूरी है।
पुलिस के अनुसार साइबर ठग बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, यूजर आईडी, कार्ड संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।
समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खाते, लिंक और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच करने में मदद मिलती है। इससे संभावित ठगी को रोकने और दूसरे लोगों को साइबर अपराध का शिकार होने से बचाने में भी सहायता मिल सकती है। यदि ऑनलाइन ठगी हो जाए या ठगी का प्रयास किया जाए तो तत्काल 1930 पर साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में भी सूचना दी जा सकती है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध के मामलों में चुप न रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों को दें।
बलौदाबाजार। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के बेरोजगार युवाओं को सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाईजर के रूप में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनपद पंचायत मुख्यालयों में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा।
जिला कौशल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार एस. आई.एस. इंडिया कम्पनी लिमिटेड जशपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा जनपद स्तर पर प्लेसमेंट केम्प का आयोजन किया जाएगा।
उक्त काउंसलिंग कैम्प 12 अगस्त को जनपद पंचायत भाटापारा एवं 13 अगस्त को जनपद पंचायत बलौदाबाजार में प्रातः 10 से 4 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जायेगा। कैम्प में चयनित अभ्यर्थियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त कर 15 से 25 हजार रूपए तक मासिक वेतन प्रदान किया जायेगा।
बलौदाबाजार। जिले में खस्ताहाल सड़कों की समस्या एक बार फिर गंभीर सड़क हादसे की वजह बन गई। कसडोल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 130-बी (NH-130B) पर सड़क के गड्ढे से अनियंत्रित होकर एक एम्बुलेंस पलट गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को डायल-112 पुलिस टीम, स्थानीय ग्रामीणों और निजी एम्बुलेंस की मदद से कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यह दुर्घटना गुरुवार दोपहर कसडोल-कटगी मुख्य मार्ग पर ग्राम पीसीद स्थित जायसवाल ढाबा के पास हुई।
जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस क्रमांक CG 04 PP 4032 रायपुर से मरीजों का इलाज कराकर ओडिशा के बरगढ़ जिले की ओर लौट रही थी। वाहन में मरीज, उनके परिजन, चालक और हेल्पर सहित कुल आठ लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही एम्बुलेंस ग्राम पीसीद के पास मुख्य सड़क पर बने पुल के नजदीक पहुंची, सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे से वाहन अचानक उछल गया।
नस्तीबद्ध तेज रफ्तार होने के कारण चालक एम्बुलेंस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों तथा स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कसडोल थाना की डायल-112 (बाज-01) टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। आरक्षक आशुतोष बंजारे और चालक केशव प्रसाद साहू ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से एम्बुलेंस के भीतर फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान ग्राम छांछी के निजी एम्बुलेंस चालक हरनारायण साहू भी अपनी दो एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हादसे में घायल हुए लोगों में क्वाता भोई (60), नारायण हाथी (40), गोवर्धन खोड़िया (80), सरोज खड़िया (30), जगन्नाथ भाट (45) और हलधर खोड़िया (66) शामिल हैं।
सभी घायल ओडिशा के बरगढ़ जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं। दुर्घटना में किसी के सिर, किसी के हाथ-पैर, छाती, पीठ और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार छह घायलों में से दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जबकि अन्य चार लोगों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। राहत की बात यह रही कि एम्बुलेंस चालक और हेल्पर इस हादसे में सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि कसडोल-कटगी मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और एम्बुलेंस को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस ने तकनीक और सूक्ष्म जांच का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए 12 लाख रुपये की ज्वेलरी लूट का सनसनीखेज खुलासा किया है। लगभग दो सप्ताह तक चली गहन जांच, 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण की मदद से पुलिस ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चार शातिर अंतरराज्यीय लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हथियार, वाहन, नकदी और चांदी के आभूषण सहित लगभग 26 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह कई राज्यों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे 100 से अधिक गंभीर मामलों में शामिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई की सुबह करीब 9:30 बजे भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के तरेंगा निवासी दीपक ज्वेलर्स के संचालक बलराम सोनी अपनी स्कूटी से रोहरा की ओर जा रहे थे। उनके बैग में करीब 13 किलोग्राम चांदी और 70 ग्राम सोने के आभूषण थे। जैसे ही वे रोहरा हाई स्कूल के पास पहुंचे, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने हथियार दिखाकर उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन और स्कूटी की चाबी छीन ली तथा बैग में रखे कीमती जेवर लेकर मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो एवं डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने कई जिलों और राज्यों के बीच आरोपियों के मूवमेंट की कड़ियां जोड़ते हुए उनके ठिकानों तक पहुंच बनाई। तकनीकी इनपुट, साइबर विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बबलू पाण्डेय उर्फ शत्रुघ्न (चित्रकूट), गंगासागर पाण्डेय (उत्तर प्रदेश), जयदीप गुप्ता (रीवा, मध्य प्रदेश) और जिया उल हक (गोंडा, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि यह गिरोह केवल बलौदाबाजार की लूट तक सीमित नहीं था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2022 और 2024 में भाटापारा क्षेत्र में ज्वेलरी कारोबारियों के साथ हुई दो बड़ी लूट की घटनाओं में भी इसी गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, एक देशी कट्टा, 14 जिंदा कारतूस, एक लोहे की तलवार, महिंद्रा स्कॉर्पियो, दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन, नकदी तथा चांदी के जेवर बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस का मानना है कि बरामद हथियारों और वाहनों का उपयोग कई अन्य वारदातों में भी किया गया होगा, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं, किन राज्यों में उनकी सक्रियता रही है और किन-किन मामलों में उनकी संलिप्तता रही है। साथ ही प्रदेश के बाहर हुई लूट और डकैती की घटनाओं से भी इस गिरोह के संबंधों की जांच की जा रही है।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से सबसे सफल जांचों में शामिल माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, एआई आधारित विश्लेषण, साइबर सेल की सक्रियता और पारंपरिक मुखबिर तंत्र के समन्वय से पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कई राज्यों में लंबे समय से आतंक मचा रखा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता से भविष्य में ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के ग्राम सिमरिया (ब) में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 24 वर्षीय विक्रम मानिकपुरी, पिता प्रताप मानिकपुरी, निवासी सिमरिया (ब) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने बरसाती नाले के पास मुख्य मार्ग किनारे एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही भाटापारा ग्रामीण थाना पुलिस, साइबर सेल और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। वहीं, गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आ रही है, जिससे पुलिस हत्या की आशंका से जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार में एक बड़े कारोबारी के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की टीम ने पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के आवास समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचकर जांच शुरू की है। देर रात शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ED और आयकर विभाग की टीमें कारोबारी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेजों और खातों से संबंधित जानकारी खंगाले जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की नकदी, दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की गई है या नहीं।
यह कार्रवाई किस विशेष इनपुट, शिकायत या मामले के आधार पर की जा रही है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियों की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एक साथ ED और आयकर विभाग की टीम पहुंचने की खबर के बाद शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और जांच में मिले तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
o प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने बदली दिव्यांग परस कमार की जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का भावुक सफर
बलैदाबाजार। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत् परस कमार का पक्का घर बन जाने से उसके जीवन में कई बदलाव आया। अब बार -बार मरम्मत नहीं करना पड़ रहा है। बलैदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड अंतर्गत ग्राम बल्दाकछार के निवासी परस कमार विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय से संबंध रखते हैं। उनका जीवन संघर्ष, अभाव और कठिनाइयों से भरा रहा है। परस कमार पैर से दिव्यांग हैं, जिसके कारण रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्य भी उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं थे। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया और उनकी माताजी भी अति वृद्ध हैं, जो उम्र और कमजोरी के कारण स्वयं सहारे की मोहताज हैं।
आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वर्षों तक वे एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से टपकता पानी, ठंडी रातों में टूटती दीवारों से आती हवा, और गर्मी के मौसम में तपता हुआ घर यही उनकी जिंदगी की सच्चाई थी। हर मौसम उनके लिए एक नई परीक्षा लेकर आता था। रातों को कई बार यह डर सताता था कि कहीं कमजोर दीवारें ढह न जाएं। अपनी इस हालत को देखकर परस कमार का मन बार-बार टूट जाता था, लेकिन गरीबी के आगे वे बेबस थे।
एक पक्के और सुरक्षित घर का सपना उनके लिए किसी दूर के सपने जैसा था, जिसे पूरा करना लगभग असंभव लग रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई। जिला पंचायत के सतत मार्गदर्शन, जनपद पंचायत कसडोल के सहयोग एवं ग्राम पंचायत के प्रयासों से विशेष पिछड़ी जनजाति कमार वर्ग से होने के कारण उन्हें योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ हुआ और धीरे-धीरे उनका सपना आकार लेने लगा।साथ ही, मनरेगा अंतर्गत 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि भी अभिसरण के माध्यम से उन्हें प्राप्त हुई, जिससे आवास निर्माण में आर्थिक सहयोग मिला। इस राशि ने उनके लिए निर्माण कार्य को और आसान बनाया तथा आत्मनिर्भरता का संबल प्रदान किया।
परस कमार का पक्का मकान बनकर तैयार है। अब सुरक्षित छत के नीचे सुकून की सांस ले रहे हैं। बरसात की चिंता नहीं, ठंड की रातों का डर नहीं और गर्मी की तपिश का भय नहीं अब उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास है। यह घर केवल ईंट और सीमेंट से बना मकान नहीं, बल्कि उनके संघर्षों पर मिली सबसे बड़ी जीत है। अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए परस कमार कहते हैं-“मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जैसे गरीब और दिव्यांग व्यक्ति को भी पक्का घर मिलेगा।इस सुरक्षित पक्का घर में देखकर लगता है जैसे भगवान ने मेरी सबसे बड़ी इच्छा पूरी कर दी। अब हमें डर नहीं लगता, अब हमें लगता है कि हमारा भी इस दुनिया में एक सम्मानजनक ठिकाना मिल गया है।
बलौदाबाजार-भाटापारा। भारतीय पुलिस सेवा (भापुसे) 2019 बैच के वरिष्ठ अधिकारी राय गौरव रामप्रवेश ने आज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के नए पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पूर्व राय गौरव रामप्रवेश जिला दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
पुलिस कार्यालय बलौदाबाजार पहुंचने पर निवर्तमान पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विधिवत रूप से नए पुलिस अधीक्षक को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का चार्ज सौंपा।
इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक का स्वागत किया। इस दौरान अभिषेक सिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार), हेमसागर सिदार (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भाटापारा), तारेश साहू (अनुविभागीय अधिकारी पुलिस – SDOP, भाटापारा), कौशल किशोर वासनिक (उप पुलिस अधीक्षक – DSP, कैंप कसडोल), संजय साहू (उप पुलिस अधीक्षक – DSP, यातायात), उषा सोन्धिया (उप पुलिस अधीक्षक – DSP), उषा ठाकुर रक्षित निरीक्षक उपस्थित थे।
पदभार ग्रहण करने के बाद नए पुलिस अधीक्षक राय गौरव रामप्रवेश ने मौजूद सभी अधिकारियों का परिचय लिया। साथ ही जिले की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जन-केंद्रित पुलिसिंग को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
बलौदा बाजार। जिले में एक महिला शिक्षक की मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि एक साथी शिक्षक ने विवाह का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक संबंध बनाए, लेकिन शादी की बात आने पर पीछे हट गया। इससे आहत महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना स्थल से मिले एक पत्र में मृतका ने अपनी मौत के लिए आरोपी शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने पत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
पीड़िता ने प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन दी थी जानकारी
पीड़िता ने अपने लिखे पत्र में बताया कि आरोपी उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा था और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहा था. पीड़िता जब हालात से लड़ते-लड़ते हार गई तब उसने ये घातक कदम उठाने का फैसला लिया. सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि उसने बंद कमरे से लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि पीड़िता प्रेग्नेंट थी या नहीं. जांच अधिकारी ने इतना जरूर बताया कि पीड़िता ने एक बार अपने रिश्तेदार को प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन करवाने की बात को लेकर कुछ जानकारी दी थी.
शादी का झांसा देकर किया शोषण
पीड़िता ने अपने लिखे पत्र में बताया कि आरोपी उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा था और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहा था. पीड़िता जब हालात से लड़ते-लड़ते हार गई तब उसने ये घातक कदम उठाने का फैसला लिया. सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि उसने बंद कमरे से लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि पीड़िता प्रेग्नेंट थी या नहीं. जांच अधिकारी ने इतना जरूर बताया कि पीड़िता ने एक बार अपने रिश्तेदार को प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन करवाने की बात को लेकर कुछ जानकारी दी थी.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कमरे की दीवार पर चिपकी हुई पर्चियां और हाथ से लिखे संदेश मिले हैं. इन संदेशों में पीड़िता ने आरोपी का नाम लिखते हुए उसे दोषी ठहराया है. पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि मृतिका जिस किराए के मकान में रहती थी, उसी मकान के बगल वाले कमरे में आरोपी भी रहता था. दोनों एक ही शासकीय विद्यालय में कार्यरत थे. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और आरोपी ने शादी का भरोसा देकर युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसका शोषण किया.
मोबाइल फोन की जांच से हुई पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में विशेष जांच शुरू की गई. साइबर सेल की मदद से मृतिका और आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई. मोबाइल चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए. जांच में मिले तकनीकी प्रमाणों से दोनों के संबंधों, गर्भवती होने और आरोपी द्वारा प्रताड़ना दिए जाने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से मिले नोट, दीवार पर लिखे संदेश, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की गई. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी और मृतिका के बीच प्रेम संबंध थे. आरोपी ने शादी का झांसा देकर गलत काम किया. आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से परेशान होकर मृतिका ने आत्मघाती कदम उठाया. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी मूल रूप से पेंड्रा जिले के मरवाही थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में बलौदाबाजार रह रहा था.
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में शिक्षिका का शव फांसी के फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान कुमारी काजल ठाकुर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार के चांपा स्कूल में व्यवसायिक शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले वर्ष ही संविदा शिक्षिका के रूप में स्कूल में पदस्थ हुई थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शिक्षिका ने अपने कमरे में पंखे से चुनरी का फंदा बनाकर आत्महत्या की है। घटना का पता चलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका के परिजनों एवं परिचितों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बलौदाबाजार- जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर जिला प्रशासन द्वारा कड़े अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। जनगणना कार्य के दौरान मदिरा पान कर कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार एक और प्रगणक को निलंबित कर दिया गया है।
तहसील सिमगा (ग्रामीण) अंतर्गत प्रगणक के तौर नियुक्त शासकीय प्राथमिक शाला औरेंठी के सहायक शिक्षक संजय कुमार नायक के कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने एवं कार्य स्थल पर मंदिरापान किये जाने संबंधी शिकायत पर प्राप्त होने पर सहायक शिक्षक संजय कुमार नायक का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिमगा में मेडिकल जांच कराये जाने पर मंदिरा सेवन किया जाना मेडिकल रिपोर्ट में प्रमाणित पाया गया है।
संजय कुमार नायक सहायक शिक्षक का उपरोक्त कृत्य भारत की जनगणना जैसे अतिमहत्यपूर्ण, समयबद्ध एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्य में लापरवाही, शासकीय कार्यों के प्रति घोर उपेक्षा एव कर्तव्य स्थल पर मद्यपान सेवन कर आना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आने एवं उनका आचरण सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 तथा 11 के विपरीत होने से छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है।निलंबन अवधि में संबंधित का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार होगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
बलौदा बाजार: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। छ्त्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बलौदा बाजार आगजनी कांड में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।
बता दें कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने बलौदा बाजार आगजनी कांड में संलिप्तता पाये जाने के बाद अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अमित बघेल ने जमानत याचिका लगाई थी। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब हाईकोर्ट से भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे, जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की। वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया। जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।

बलौदाबाजार :- बलौदाबाजार विधानसभा के ग्राम रिसदा में आज सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें टंक राम वर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया।
मंत्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ गांव-गांव और शहर तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और सुशासन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
बलौदाबाजार। राजस्व विभाग में लापरवाही बरतने वाले एक पटवारी पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लंबे समय से बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिमगा राजस्व अनुभाग के अंतर्गत ग्राम धोधा (पटवारी हल्का नंबर 26) में पदस्थ पटवारी चंद्रप्रकाश 20 फरवरी 2026 से लगातार अपने मुख्यालय से अनुपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने न तो किसी प्रकार की सूचना दी और न ही अवकाश स्वीकृत कराया। उनके इस रवैये के कारण क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर एसडीएम सिमगा ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया। प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1966 का उल्लंघन माना है।
जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा निर्धारित किया गया है। साथ ही इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे नहीं थम रहे हैं। इसी बीच रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी, हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा यात्री घायल है। पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार, ये हादसा सिमगा थाना क्षेत्र के दरचूरा गांव के पास सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया जाता है कि, बिलासपुर की ओर जा रही यात्री बस को पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। भीषण टककर में कई यात्री अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।
बस में फंसे यात्रियों को ग्रामीणों ने बाहर निकला। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही सिमगा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू करते हुए मामले की जांच में जुट गई है।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से बड़ी सामने आ रही है। शुक्रवार सुबह अचानक तहसील कार्यालय में भीषण आग लग गयी। जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग तहसील परिसर में स्थित डीएसपी कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग की ओर से लगी बताई जा रही है, जो देखते ही देखते तहसीलदार कार्यालय की ओर फैलने लगी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने सबसे पहले तहसील कार्यालय के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए दमकल वाहन के साथ-साथ आसपास के सीमेंट संयंत्रों से भी दमकल गाड़ियों को बुलाया गया।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे बलौदाबाजार की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक तहसील भवन में आग लगी। आग लगने से तहसीलदार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम के कुछ हिस्से जले हैं।
वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम प्रकाश कोरी ने बताया कि रिकॉर्ड रूम पूरी तरह सुरक्षित है और सभी दस्तावेजों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं दमकल विभाग की टीम कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा ली है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
बलौदाबाजार। जिले में सर्दी-खांसी का इलाज कराने गई गर्भवती महिला की झोलाछाप डॉक्टर और सरपंच के क्लिनिक में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अचानक उसको उल्टी हुईं और बेहोश हो गई। डॉक्टर ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया। जहां जांच में पता चला कि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी।
वहीं, परिजनों ने शव का बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी कहीं कोई शिकायत भी नहीं की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गई। लेकिन कैमरे पर कोई बोलने तैयार नहीं है। घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है
राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया है। इस दौरान क्लिनिक से भारी मात्रा में अवैध दवाइयों के साथ गांजा भी बरामद हुआ है। आरोपी डॉक्टर पिछले 20 सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के यह अस्पताल चला रहा था।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, अजय साहू और इंदु साहू की 2022 में शादी हुई थी। इनका ढाई साल का एक बेटा है। अभी वो दूसरी बार 4 महीने की गर्भवती थी। सर्दी-खांसी की शिकायत थी। इसलिए गुरुवार को गांव के ही बिना डिग्री वाले डॉक्टर जयंत साहू के पास इलाज के लिए पैदल पहुंची, जो छेरकाडीह जारा गांव का सरपंच भी है।
परिजनों के अनुसार, इंदु जब पहली बार डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचीं तो वो वहां मौजूद नहीं थे। जिसके बाद घर लौट आई। थोड़ी देर बाद डॉक्टर के लौटने की जानकारी मिलने पर इंदु दोबारा उसके पास गई।
उल्टी की और बेहोश हो गई
डॉक्टर जयंत साहू ने बताया कि, इंदु को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द थी, बीपी चेक किया। खाना नहीं खाई थी, इसलिए ज्यादा कुछ इलाज नहीं कर पाऊंगा बोला। वो करीब 15-20 मिनट तक उनके पास रुकीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी होने लगी।
बिना डिग्री 17 साल से कर रहा इलाज
चक्कर आने के बाद महिला गिरकर बेहोश हो गई। महिला को पानी पिलाया गया, जिससे वह कुछ देर के लिए होश में आईं, लेकिन फिर से बेहोश हो गईं। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेज दिया। डॉक्टर जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि, उनके पास डिग्री नहीं है। करीब 17 साल से इलाज कर रहा है।
पति की गोद पर बेहोश पड़ी थी पत्नी- सास
महिला की सास कांति साहू ने बताया कि, जब उनकी बहू देर तक घर नहीं लौटी तो वह डॉक्टर के यहां देखने गई थी। वहां इंदु अपने पति की गोद पर अचेत अवस्था में थी। इसके बाद उसे तत्काल पलारी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही इंदु की मौत हो चुकी थी। महिला के नाक से झाग और खून दोनों निकला है। बीएमओ डॉ पंकज वर्मा के अनुसार महिला को लेकर अस्पताल पहुंचने वालों में कथित डॉक्टर जयंत साहू भी शामिल था।
बिना पीएम कराए शव ले गए
इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महिला के शव को लाया गया था। परिवार वाले करीब 4 घंटे तक अस्पताल में ही आपस में बातचीत करते रहे। शाम 6 बजे उन्होंने पोस्टमॉर्टम न कराने का लिखित आवेदन दिया। जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
अंतिम संस्कार भी किया, कहीं कोई शिकायत नहीं
इस मामले में परिजनों ने पुलिस थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है और न ही कोई कार्रवाई की गई है। वहीं, शव ले जाने के बाद गुरुवार को ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई
राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान क्लिनिक से भारी मात्रा में अवैध दवाइयों के साथ गांजा भी बरामद हुआ है।
नायब तहसीलदार पंकज बघेल ने बताया कि आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि वह किस आधार पर बिना डिग्री के अस्पताल चला रहा था। बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आरोपी उन दवाइयों का उपयोग कर रहा था, जो केवल प्रशिक्षित डिग्रीधारी डॉक्टर ही लिख सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।
बलौदाबाजार। जिले में एक बार फिर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जहां एंटी करप्शन ब्यूरो ने 1 लाख रुपये की मांगी गयी रिश्वत की पहली किस्त 25000 रुपये लेते हुए एसडीओ को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में हुई है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत पलारी में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान जनपद पंचायत के एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा ने उप सरपंच से 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बताया जा रहा है कि 1 लाख रुपये की मांग के तहत 25 हजार रुपये की पहली किस्त देने के लिए उप सरपंच एसडीओ के कार्यालय पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक किसी कार्य को आगे बढ़ाने के एवज में यह राशि मांगी गई थी।
उप सरपंच ने इसकी शिकायत एसीबी से की, जिसके बाद टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। आज जैसे ही एसडीओ को पीड़ित पक्ष ने राशि सौंपी। एसीबी की टीम ने दबिश देकर एसडीओ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल, एसीबी की टीम कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक खौफनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। भाटापारा के ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में डीएससी कोल कीलन में अचानक हुए जबरदस्त ब्लास्ट से प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे 4 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धमाके के साथ गर्म कोयले और आग के गुबार ने पूरे प्लेटफॉर्म को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनकी चीख-पुकार से पूरा प्लांट गूंज उठा।
हादसे के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। झुलसे और घायल मजदूरों को आनन-फानन में भाटापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। मृत मजदूरों की पहचान की जा रही है।
बलौदाबाजार। जिले के पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आदेश जारी कर 76 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश में 4 उप निरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 45 प्रधान आरक्षक और 19 आरक्षक शामिल हैं। सभी को जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, यातायात शाखा, पुलिस सहायता केंद्रों एवं रिजर्व केंद्रों में नई तैनाती दी गई है। गौरतलब है कि यह जिले में हाल के दिनों में किया गया दूसरा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है। इससे पहले 31 दिसंबर को भी थाना प्रभारियों के स्तर पर तबादला आदेश जारी किया गया था।


बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कलेक्टर-एसपी कार्यालय में आगजनी मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल को प्रोडक्शन वारंट में रायपुर जेल से गिरफ्तार किया और सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
आरोपी अमित बघेल को बलौदाबाजार में घटित तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटना के संबंध में थाना सिटी कोतवाली में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 378/2024 के मामले में गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच, तकनीकी विश्लेषण, फॉरेंसिक साक्ष्य के आधार पर अमित बघेल का प्रकरण में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए है। जिसके बाद एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है। वहीं गिरफ्तारी के बाद अदालत से अमित बघेल का दो दिनों का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस रिमांड में घटना के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
प्रकरण की जांच एवं विवेचना क्रम में फॉरेंसिक साक्ष्य एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर आगजनी की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर, पुलिस द्वारा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास लगातार किया जा रहे हैं।
पूर्व में भी 11 जनवरी को उक्त मामले में संलिप्त छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार पार्टी से अजय यादव एवं दिनेश कुमार वर्मा उर्फ मंडल को भी गिरफ्तार किया गया था। आगजनी की घटना में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में पहचान कर, गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
प्रकरण की विवेचना एवं जांच क्रम में पुलिस द्वारा अब तक लगभग 100 की संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जप्त किया गया है, जिनकी फोरेंसिक जांच करवाई भी अभी जारी है। आरोपी अमित बघेल को मिलाकर बलौदाबाजार में घटित तोड़फोड़ एवं आगजनी प्रकरण में अब तक कुल 199 आरोपियों को गिरफ्तारी की गई है।
मामले में बलौदा बाजार एसपी भावना गुप्ता ने मीडिया को बताया कि बलौदा बाजार हिंसा मामले में अब तक 13 एफआईआर दर्ज कर कुल 199 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों से लगभग 100 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जप्त किए गए हैं और उनकी फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। मामला अभी अंडर ट्रायल है। जांच के दौरान जोहार पार्टी की भी संलिप्तता सामने आई है,जिस पर जोहार पार्टी प्रमुख अमित बघेल को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें दो दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों की पता तलाश की जा रही है।
बता दे 10 जून 2024 को हिंसक भी ने बलौदा बाजार के कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी थी। मामला सामने आने के बाद यहां के कलेक्टर– एसपी को हटा दिया गया था। वहीं भीड़ को उकसाने के मामले में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 6 माह बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।
बलौदा बाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां पराली जलाने गई महिला खुद ही आग की चपेट में आ गई। इस घटना में उसकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। इधर मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और पुलिस की टीम ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
आग में जिंदा जलकर महिला की मौत
यह हादसा कसडोल थाना क्षेत्र में हुआ है। यहां कि एक महिला की आग में जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल महिला अपने खेत में पराली जलाने गई थी। इसी दौरान वो आग की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस भी हादसे की जांच में जुट गई है।
पराली जलाने के दौरान चपेट में आई महिला
जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान प्रभा साहू के रूप में की गई है, जो कि सेल गांव में रहती थी। रविवार सुबह प्रभा अपने घर से 1 किलोमीटर दूर स्थित खेत में पराली जलाने गई थी। इस दौरान उसने जब पराली में आग लगाई तो आग अचानक से इतनी भड़क गई की उसको भागने का मौका ही नहीं मिला और आग की लपटों में फंसकर उसकी मौत हो गई।
घटना की जांच में जुटी फॉरेंसिक और पुलिस की टीम
घटना के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सुटना मिलते ही फायर ब्रिगेड, फॉरेंसिक और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक महिला की मौत हो गई। इधर फॉरेंसिक की टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। साथ ही पुलिस ने भी आगे की जांच शुरू कर दी है।
बलौदा बाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक महिला को ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेना उस वक्त महंगा पड़ गया, जब उसकी झोपड़ी में आग (Alav Se Jhopdi Me Lagi Aag) लग गई और उस आग में झुलसकर उसकी मौत भी हो गई। इधर पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
आग की चपेट में आकर महिला की मौत
यह पूरा मामला सुहेला थाना क्षेत्र का है। यहां एक महिला ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया था, लेकिन महिला के सोते ही अलाव ने पूरे झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। जिसकी चपेट में आकर महिला की भी मौत हो गई। वहीं सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान आशा बाई के रूप में हुई है, जो कबाड़ बिनने का काम करती थी और सुहेला गांव में सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहती थी। बुधवार की रात ठंड से बचने के लिए उसने अपने झोपड़ी में अलाव जलाया था। उसके सोते ही अलाव ने पूरे झोपड़ी को अपने चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आकर उसकी भी जलकर मौत हो गई।
आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
गुरूवार सुबह जब लोगों ने झोपड़ी में आग के बाद धुआं निकलते देखा, तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसके आधा जले शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही आगे की कार्रवाई में जुट गई है और इस मामले में लोगों से पूछताछ कर रही है।
अलाव से कंबल में लगी आग
बता दें कि इससे पहले कोरबा जिले से भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया था। जहां अलाव के कारण कंबल में आग लग गई थी और बुजुर्ग जल गया था. जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इलाज के दौरान हुई मौत
यह घटना करतला थाना क्षेत्र के बड़मार ग्राम की है. मृतक की पहचान बड़मार के रहने वाले मंशीदास महंत (72 वर्ष) के रूप में हुई है. 17 नवंबर की शाम मंशीदास महंत अपने परिवार के साथ अलाव में आग सेक रहे थे. आग सेकने के बाद परिवार के सभी सदस्य सोने चले गए थे. मंशीदास महंत वही चटाई बिछाकर और कंबल ओढ़कर सो गया. इसी बीच कंबल में आग लग गयी और बुजुर्ग जल गया. बुजुर्ग की चीख पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बाहर आये. लेकिन तब तक बुजुर्ग 80 प्रतिशत जल चुके थे. वह पूरी तरह आग से घिरे हुए थे. परिजनों ने चादर की मदद से किसी तरह आग बुझाई. जिसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया. जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.